महात्मा गांधी पर निबंध | Mahatma Gandhi Essay In Hindi Language

दोस्तों, आज हम महात्मा गांधी के ऊपर निबंध (Mahatma Gandhi essay in Hindi) लिखेंगे। आज हम class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए निबंध लिखेंगे। यहां हमने पूरे 3 निबंध लिखे हैं जिसमें आपको 200 शब्द से लेकर 600 शब्द तक के निबंध मिलेंगे।

आप अपने हिसाब से जितने शब्द का निबंध लिखना चाहते हैं उतना लिख सकते हैं। हमने यहां अलग-अलग तरह से निबंध को लिखा है। तो आप इनमें से जो भी निबंध पसंद आता हो उसे लिख सकते हैं।


महात्मा गांधी पर निबंध 


महात्मा गांधी जी का पूरा नाम था मोहनदास करमचंद गांधी। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनका जन्म गुजरात के पोरबंदर नाम के स्थान पर हुआ था।

महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद गांधी था वह राजकोट में दीवान थे। महात्मा गांधी के माता का नाम पुतलीबाई गांधी था। उनकी मां एक धार्मिक विचारों वाली महिला थी।

महात्मा गांधी जी ने जो योगदान हमारे देश को स्वतंत्रता मिलाने के लिए दिया है उस वजह से उन्हें ज्यादातर राष्ट्रपिता और बापू के नाम से जाना जाता है।

महात्मा गांधी ऐसे महान इंसान थे जो अहिंसा और सामाजिक एकता पर विश्वास रखते थे। उन्होंने भारत के ग्रामीण भागों के सामाजिक विकास के लिए भी आवाज उठाई थी।

उन्होंने भारतीयों को स्वदेशी वस्तुओं को इस्तेमाल ना करने के लिए प्रेरित किया और बहुत से सामाजिक मुद्दों पर भी उन्होंने ब्रिटिश ओं के खिलाफ आवाज उठाई थी।

महात्मा गांधी भारत के संस्कृति से अछूत और भेदभाव की परंपरा को नष्ट करना चाहते थे। उसके बाद महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता अभियान शुरू किया और उसमें और लोगों को साथ मिलाया। इस स्वतंत्रता अभियान में उन्होंने काफी संघर्ष किया।

महात्मा गांधी ऐसे महान इंसान थे जिन्होंने भारतीयों को आजादी के सपने दिखाएं और उसे सच भी किया। आज भी बच्चों को गांधीजी के नाम की मिसाल दी जाती है।

महात्मा गांधी जन्म से ही सत्यवादी और अहिंसा वादी नहीं थे बल्कि उन्होंने अपने आप को दृढ़ संकल्प से ऐसा बनाया था। इसमें उनके माता का सहयोग भी था। उनकी माता एक धार्मिक स्त्री होने के कारण महात्मा गांधी उनसे काफी प्रभावित हुए थे।

स्कूल के बाद महात्मा गांधी ने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड में पूरे कि वहां उन्होंने लॉक की शिक्षा ली थी। शिक्षा पूरी होने के बाद उन्होंने वकील के पेशे से शुरुआत की।

महात्मा गांधी जी ने 1920 में असहयोग आंदोलन, 1930 में अवज्ञा आंदोलन और आखिर में 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन चलाकर भारत को आजाद करवाने में विशेष योगदान दिया था।

महात्मा गांधी जी का कहना था कि भविष्य में क्या होगा यह में कभी सोचना नहीं चाहता। मुझे बस वर्तमान की चिंता है भगवान ने मुझे आने वाले शनो पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है।

महात्मा गांधी जी का जीवन बहुत ही साधारण था वह रंगभेद और जातिभेद को नहीं मानते थे और हमें भी रंगभेद और जातिभेद को नहीं मानना चाहिए।

सन 1917 में गांधी जी के सत्याग्रह के फलस्वरूप ही चंपारण के किसानों का शोषण समाप्त हुआ था। 1920 से लेकर 1945 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में गांधी जी की विशेष भूमिका थी।

यही कारण है कि इस युग को गांधी युग के संज्ञा दी गई है। महात्मा गांधी जीवन भर हिंदू मुस्लिम एकता के हिमायती रहे। लेकिन आजादी मिलने के बाद इस एकता को बरकरार नहीं रख पाए।

इसलिए जब धर्म के नाम पर भारत में विभाजन की बात शुरू हुई तो वे बहुत ही दुखी हो गए। महात्मा गांधी बहुत ही स्वावलंबी स्वभाव के थे। उन्होंने विदेशी वस्तु का बायकाट किया और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता दी।

महात्मा गांधी बटुक में खुद चरखा चलाते थे वह एक आध्यात्मिक पुरुष थे। महात्मा गांधी जी ने पूरा जीवन देश की सेवा में बिताया और अंत में 30 जनवरी 1948 में उनकी मृत्यु हो गई। 30 जनवरी के दिन को हमने एक महान इंसान को खो दिया।

उनकी हत्या नथूराम गोडसे नाम के व्यक्ति ने की थी। जिस दिन गांधी जी की मृत्यु हुई उस दिन संपूर्ण भारत में दुख के काले बादल छा गए।

लेकिन महात्मा गांधी आज भी हमारे साथ हमारे दिलों में जिंदा है। वह ऐसे महान व्यक्ति हैं जो कभी नहीं मरेंगे। गांधी जी हमारे दिल में आज भी जीवित है।

आज भी महात्मा गांधी जी के उच्च विचार हमारा मार्गदर्शन करते हैं। उनकी समाधि दिल्ली के राजघाट में बनाई गई है। उनका प्रसिद्ध भजन जोकि है “रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सम्मति दे भगवान” यह भजन आज भी बच्चे बच्चे को पता है।

महात्मा गांधी के सपने को साकार करते हुए ही 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया है। यह राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जिसमें हम सबको अपने तरफ से योगदान देना चाहिए। इस अभियान का उद्देश्य गलियों, सड़कों तथा हमारे देश और पर्यावरण को साफ सुधरा रखना है।


Mahatma Gandhi Essay In Hindi Language


गांधीजी के बारे में आने वाली पीढ़ियां शायद मुश्किल से ही विश्वास कर पाएगी की गांधीजी जैसा महान व्यक्ति कभी इस धरती पर हुआ था।

गांधी जी एक धार्मिक और सत्यवादी इंसान थे। गांधीजी विश्व के महान पुरुषों में से एक है। उनकी महानता उनके जीवन के नैतिक दृष्टिकोण में थी।

महात्मा गांधी भगवान बुद्ध के बाद शांति के ऐसे मसीहा थे जिन्होंने सत्य, अहिंसा और न्याय के महत्व को समझा था। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1870 को हुआ था।

महात्मा गांधी गुजरात के पोरबंदर में जन्मे थे। महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। उनके पिता कर्मचंद उत्तमचंद गांधी तथा माता पुतलीबाई थी।

महात्मा गांधी जी की प्रारंभिक पढ़ाई स्थानीय प्राइमरी और हाई स्कूल में हुई थी। महात्मा गांधी चाहते थे कि वह एक डॉक्टर बने।

लेकिन उन्हें बैरिस्टर बनने के लिए प्रेरित किया गया। लॉ की शिक्षा प्राप्त करने के लिए महात्मा गांधी इंग्लैंड गए थे। जब वह इंग्लैंड से लॉ की शिक्षा ग्रहण करके भारत लौटे, तब उन्हें एक मुकदमे के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा।

जब वहां अफ्रीका पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां काले रंग के लोगों को अपमानित किया जा रहा है। उस वक्त गांधी जी ने नटाल इंडियन कांग्रेस की स्थापना की।

गांधी जी ने सत्याग्रह नाम के अस्त्र का आविष्कार किया जिसकी मदद से उन्होंने दृढ़ता पूर्वक लड़ाई की। उस समय बिहार में यूरोपियन अत्याचार कर रहे थे। परंतु महात्मा गांधी जी के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

1921 में महात्मा गांधी जी ने असहयोग आंदोलन आरंभ किया। उस समय उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस को अपने नियंत्रण में ले लिया।

महात्मा गांधी ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अनेक योगदान दिए। भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा और लाठियों की मार भी खानी पड़ी।

लेकिन इन सबको गांधी जी ने सहन किया और अपने अहिंसा के रास्ते पर बने रहे और आखिर भारत को 15 अगस्त 1947 में आज़ादी मिली।

लेकिन देश को आज़ादी मिलने के कुछ महीनों बाद ही गांधी जी का निधन हो गया। गांधी जी की हत्या 30 जनवरी 1948 को प्रार्थना सभा मैं जाते वक्त एक भारतवासी नथूराम गोडसे नाम के व्यक्ति द्वारा गोली मारकर की गई।

और इसी के साथ एक महान व्यक्ति हमारे भारत देश को प्रगति की ओर जाते हुए देखने से वंचित रह गया। उस दिन भारत के राष्ट्रपिता का निधन हो गया।


Short Essay On Mahatma Gandhi In Hindi


महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था। उनका जन्म गुजरात के पोरबंदर मैं हुआ था। महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। भारत के आजादी में और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में गांधीजी का बहुत बड़ा योगदान है।

अगर गांधीजी ना होते हैं तो शायद हम आज भी अंग्रेजों के गुलाम होते हैं। गांधी जी की प्रेरणा से ही हमारा देश आजाद हुआ था। इसीलिए गांधी जी को बापू या फिर राष्ट्रपिता कह कर पुकारा जाता है।

महात्मा गांधी के पिता श्री करमचंद गांधी राजकोट के दीवान थे। महात्मा गांधी की मां का नाम पुतलीबाई था, जो कि एक धार्मिक स्त्री थी।

गांधी जी अहिंसा और सामाजिक एकता पर विश्वास रखते थे। गांधीजी अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत को आजादी दिलाना चाहते थे और वह उसमें सफल भी हुए।

गांधी जी ने बहोत से सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई थी। गांधी जी ने भारतीय समाज से अछूत और जाति भेद की परंपरा को मिटाने के लिए काफी प्रयास किए।

महात्मा गांधी का देश के लिए दिया गया योगदान और बलिदान कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। महात्मा गांधी भारत में आजादी मिलने के बाद 30 जनवरी 1948 को नथूराम गोडसे नामक व्यक्ति के हाथों मार दिए गए उनकी हत्या की गई।

गांधीजी के याद में और उनके सम्मान में 30 जनवरी को हर साल भारत में शहीद दिवस मनाया जाता है।


तो दोस्तो यह थी कुछ अच्छे निबंध जो आप अपने स्कूल या कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए लिख सकते हैं। अगर आपको हमारा महात्मा गांधी पर निबंध (Mahatma Gandhi essay in Hindi) पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। धन्यवाद!

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