हिंदी दिवस पर निबंध | Hindi Diwas Essay In Hindi Language

आज के हमारे निबंध का विषय है हिंदी दिवस (Hindi Diwas essay in Hindi language)। दोस्तों हम सब बचपन में स्कूल जाना शुरू करते हैं और ज्ञान की प्राप्ति करते हैं। स्कूल में हम कही विषय की पढाई करते है जिनमे हिंदी विषय भी एक है।

लेकिन दुःख की बात यह है की आज भी हम हिंदी का इस्तेमाल करने पर शर्म महसूस करते है। तो आज हम हिंदी दिवस पर निबंध (Hindi Diwas essay in Hindi language) लिखकर।

दोस्तों निचे दिए गए निबंध को class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखे गए है। इन निबंध को कॉलेज के विद्यार्थी भी इस्तेमाल कर सकते है।


हिंदी दिवस पर निबंध | Hindi Diwas Essay In Hindi


प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को पूरे भारत में हिंदी दिवस को मनाया जाता है। हिंदी भाषा हमारी राष्ट्रीय भाषा है जिसका सम्मान हम सब को करना चाहिए। 14 सितंबर के दिन हिंदी भाषा के प्रति सम्मान प्रकट करने हेतु हम सब हर वर्ष इस दिन को उत्साह से मनाते हैं।

हिंदी भाषा भारत में बोली जाने वाली मुख्य भाषा है। जैसा कि हम सबको पता है भारत में कई भाषाएं बोली जाती है। जिस वजह से यह संभव नहीं है कि हम हर एक भाषा को सीख सकें।

और इसी कारण हिंदी भाषा को पूरे देश में सिखाया और बोला जाता है। हिंदी भाषा हमारे देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। भारत देश में अधिकतम लोगों को हिंदी भाषा आती है।

और इसी कारण 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान में हिंदी को राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी से ही हमें संस्कृति का ज्ञान होता है। हिंदी यह विश्व की प्राचीन और समृद्ध भाषा है।

हिंदी भाषा काफी सरल और किसी को भी बोलने और समझने में आसान होती है। हिंदी भाषा हमारे पूरे भारत को एक बनाए रखती है। हिंदी दिवस को मनाना हमारी राष्ट्रभाषा के साथ ही हमारी संस्कृति के महत्व पर जोर देने के लिए एक महान कदम है।

यह हिंदी दिवस हमारे संस्कृति से हमें बांधे रखता है। हिंदी दिवस हमारे मूल्यों से हमें बांधे रखता है। जब हम हिंदी दिवस को हर साल मनाते हैं तो इस दिन हम जातिवाद और अपनी मातृभाषा को भूल कर खुद को एक भारतीय होने का एहसास दिलाते हैं।

हिंदी भाषा हर साल 14 सितंबर को हमें हमारी वास्तविक पहचान की याद दिलाती है। जोकि एक भारतीय नागरिक होने की पहचान है। आज वर्तमान में जब अंग्रेजी भाषा को पूरे विश्व में अपनाया गया है।

तो अंग्रेजी भाषा का महत्व काफी बढ़ गया है लेकिन इस वजह से हम हमारी मातृभाषा को भुला नहीं सकते। आज के हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी किसी और देश में जाते हैं। तो वह वहां पर सिर्फ हिंदी भाषा का ही प्रयोग करते हैं।

और इस बात से हमें हमारे देश और हमारी हिंदी भाषा पर गर्व करना चाहिए। दोस्तों हमारी हिंदी भाषा को सीखने के लिए दूर देशों से भी लोग आते हैं। हमारे भारत में हिंदी विश्व विद्यालय बनाए गए हैं जहां कोई भी हिंदी भाषा को सीख सकता है।

हां हम सब हिंदी में बात तो करते हैं लेकिन कई बार हमारी बातों में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग होता है। आज भी कहीं लोग समझते हैं कि जो अंग्रेजी में बात करता है वह हिंदी में बात करने वाले से ज्यादा होशियार और अधिक प्रभावशाली होता है।

लेकिन ऐसा नहीं है अंग्रेजी भी एक भाषा है जिसे हिंदी भाषा की तरह ही सीखा जा सकता है। इससे किसी व्यक्ति के कम और ज्यादा होशियार और प्रभावशाली होने का कोई लेना देना नहीं है।

फिर भी लोगों को अंग्रेजी भाषा में बात करने में अधिक गर्व महसूस होता है। और इसी वजह से हिंदी के कई शब्द प्रचलन से हट रहे हैं। जैसे आप में से कई लोगों को प्रचलन का मतलब नहीं पता होगा।

और यही कारण है कि हम हमारी मातृभाषा को भूलते जा रहे हैं। हम सबको ऐसा हरगिज़ नहीं होने देना चाहिए। हम सबको हिंदी भाषा के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए।

इसके लिए हम हिंदी भाषा का प्रयोग ज्यादा करते हुए अपने बच्चों को हिंदी भाषा की सही शिक्षा देनी चाहिए। जब पूरे भारत में सभी हिंदी भाषा को बोल सकेंगे तभी हम अपनी हिंदी भाषा का सही अर्थ में सम्मान करेंगे।


हिंदी दिवस पर निबंध | Short Essay On Hindi Diwas In Hindi


भारत में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी भारत देश की राष्ट्रभाषा है और 14 सितंबर को इसे आधिकारिक रूप से भारत की राष्ट्रभाषा घोषित किया गया था। और हिंदी भाषा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पूरे देश में हर साल तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

भारत देश को 200 सालों की गुलामी से आजादी मिलने के बाद जब देश का संविधान निर्माण किया जा रहा था। तो संविधान निर्माताओं का मानना था कि हिंदी भाषा में ही वह ताकत है जिसकी मदद से जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक संवाद स्थापित किया जा सकता है।

और यही कारण था कि हिंदी भाषा को देश की राष्ट्रभाषा के रूप में अपनाया गया। हिंदी भाषा को देवनागरी लिपि में लिखा जाता है। आज हिंदी भाषा को जो कि हमारी राष्ट्रभाषा है उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत पसंद क्या जाता है।

इसका कारण यह भी है कि हमारी भाषा हमारे देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। आज पूरे विश्व के लोग हमारी भाषा हिंदी को सीखने और हमारे संस्कृति को जानने के लिए हमारे देश में आ रहे हैं।

मेरे ख्याल से हर भारतीयों को हमारी हिंदी भाषा आनी चाहिए। हम सबको हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी का सम्मान ठीक वैसे ही करना चाहिए जैसे हम अंग्रेजी बोलते वक्त गर्व महसूस करते हैं।

आज के इस भारत में हिंदी बोलने वाले से ज्यादा मान अंग्रेजी बोलने वाले को दिया जाता है। जो कि सही बात नहीं है। हमें अपने राष्ट्रभाषा पर गर्व करना चाहिए। भारत को आजादी तो मिली लेकिन अंग्रेज उनकी भाषा हमारे देश में छोड़ गए।

हां यह यह सही है कि आज अंग्रेजी को पूरे विश्व में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अंग्रेजी बोलने वाला सर्वश्रेष्ठ है। हमें अपने हिंदी भाषा का सम्मान करना चाहिए तभी तो लोग हमारी भाषा का सम्मान करेंगे।

हिंदी दिवस को इसलिए भी मनाया जाता है ताकि गुम हो रही हिंदी भाषा को बचाने का प्रयास किया जा सके। हमारी हिंदी भाषा भारत की राष्ट्रभाषा ही नहीं बल्कि हमारे देश की एकता की प्रतीक है और यह हमारी भारतीय होने की पहचान भी है।

इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा हिंदी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए और हर साल कम से कम 14 सितंबर को हमारे हिंदी भाषा का महत्व और उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंचाना चाहिए।


Short Essay On Hindi Diwas In Hindi Language


हमारे भारत देश में हर दिन कोई ना कोई त्यौहार होता है। और ऐसे कई महत्वपूर्ण दिन आते हैं जिस का महत्व हम सभी भारतीयों के लिए काफी बड़ा होता है। ऐसा ही एक दिन हर वर्ष हम मनाते हैं।

यह दिन 14 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन को हिंदी दिवस के नाम से मनाया जाता है। भारत देश में हजारों संस्कृति और भाषाएं हैं। जिस वजह से हमारे भारत में कई भाषाएं बोली जाती है और सभी भाषाओं को समझना और एक दूसरे के साथ संवाद करना काफी मुश्किल हो जाता है।

और इसी परेशानी का हल हमारे देश की राष्ट्रभाषा हिंदी है। हमारे देश के संविधान में हिंदी भाषा को सभी भाषाओं मैं  से देश की मातृभाषा का दर्जा दिया गया है। हिंदी भाषा आज पूरे विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है।

हमारी हिंदी भाषा को सम्मान देने के लिए प्रतिवर्ष हमारे देश में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिन हमारे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस भी मनाया जाता है। हमारे देश को आज़ादी मिलने के बाद 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को हमारे देश की राष्ट्रभाषा के रूप में अपनाया गया था।

14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को देश की मातृभाषा होने का गौरव प्राप्त हुआ था। जबकि हिंदी दिवस को 14 सितंबर के दिन मनाने का निर्णय 1953 में किया गया था। और उस दिन से लेकर आज तक हम हिंदी दिवस को 14 सितंबर को मनाते आ रहे हैं।

इस दिन को हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी मनाया जाता है। 14 सितंबर हिंदी दिवस के दिन सभी स्कूल में कई कार्यक्रम होते हैं। इस दिन स्कूल में बच्चों को कई प्रोजेक्ट भी दिए जाते है और कहीं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है।

सभी स्कूल के विद्यार्थी बड़े उत्साह से वाद-विवाद, भाषण, कविता और निबंध जैसे प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। लेकिन आज दुख की बात है कि युवा वर्ग अपने जीवन की महत्वाकांक्षाओ मैं इतना खो गए हैं की उन्हें यह दिन याद तक नहीं रहता।

आज हमारे देश में अंग्रेजी का महत्व इतना बढ़ गया है कि हिंदी भाषा को वह सम्मान नहीं दिया जाता जो उसे मिलना चाहिए। और इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोग हिंदी भाषा को तुच्छ समझते हैं।

लोग समझते हैं कि जो हिंदी में बात करता है वह पढ़ा लिखा नहीं है या फिर उसका मान नहीं किया जाता। जब तक हम सब मिलकर अपने देश की धरोहर हमारी मातृभाषा का सम्मान नहीं करेंगे तब तक हम इसे सम्मान नहीं दिला सकते।

जब हम अपनी हिंदी भाषा को बाकी भाषाओं के मुकाबले कमजोर समझते हैं तो यह एक तरह से अपने देश के प्रति अनादर की भावना रखना है। तो दोस्तों इस 14 सितंबर को हमें अपने हिंदी भाषा का मान करना चाहिए और उसे वह सम्मान देना चाहिए जो हम दूसरी भाषाओं को देते हैं।

देश की मातृभाषा देश की धरोहर होती है। जिस तरह हम देश के तिरंगे का सम्मान करते हैं उसी तरह हमें अपनी राष्ट्रभाषा का सम्मान भी करना चाहिए।


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